भारत सरकार ने देशभर में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच को सुलभ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत, भारतनेट परियोजना और राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 जैसी योजनाओं को लागू किया गया है, जिससे डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है।
भारतनेट परियोजना: ग्रामीण भारत में डिजिटल क्रांति
भारतनेट परियोजना को चरणबद्ध तरीके से देशभर में लागू किया जा रहा है, जिससे सभी ग्राम पंचायतों (GP) और उनसे जुड़े गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
भारतनेट कार्यक्रम में प्रमुख संशोधन
04 अगस्त 2023 को, केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी गई। इसके तहत:
- रिंग आर्किटेक्चर के माध्यम से मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा।
- भारतनेट उद्यमियों को नेटवर्क के उपयोग और प्रबंधन में शामिल किया जाएगा।
- सेवा स्तर समझौते (SLA) के तहत गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
- BSNL को एकल परियोजना प्रबंधन एजेंसी (PMA) के रूप में नियुक्त किया गया है।
भारतनेट परियोजना के तहत FTTH कनेक्शन वितरण
भारतनेट योजना के अंतर्गत फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्शन को विभिन्न राज्यों में वितरित किया गया है। कुछ प्रमुख राज्यों में FTTH कनेक्शन की स्थिति इस प्रकार है:
- पंजाब – 2,30,243
- केरल – 1,99,753
- हरियाणा – 1,50,256
- गुजरात – 1,25,864
- उत्तर प्रदेश (ईस्ट) – 77,698
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारतनेट योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे का व्यापक स्तर पर विस्तार हो रहा है।
राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0: डिजिटल युग की नई पहल
17 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 (NBM 2.0) की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य तेजी से डिजिटल संचार बुनियादी ढांचे का विस्तार करना और डिजिटल विभाजन को समाप्त करना है। इस मिशन के तहत:
- सभी के लिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड उपलब्ध कराना।
- शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना।
- सस्ते और सुलभ इंटरनेट सेवा सुनिश्चित करना।
PMGDISHA: ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान

डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है।
- इस योजना के तहत 6 करोड़ व्यक्तियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था।
- 31 मार्च 2024 तक 6.39 करोड़ लोगों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया।
- इस योजना को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से लागू किया गया।
PMGDISHA ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत में इंटरनेट और डिजिटल प्रगति के आंकड़े
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) द्वारा 2022-23 में किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि:
- 15-24 वर्ष के 78.4% युवा डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हैं।
- 94.2% ग्रामीण परिवारों के पास मोबाइल या टेलीफोन उपलब्ध है।
- स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ब्रॉडबैंड मिशन 1.0 के प्रभाव
राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (NBM) 1.0 के तहत:
- ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ता 66 करोड़ से बढ़कर 94.49 करोड़ हो गए।
- प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा खपत 10GB से बढ़कर 21.10GB हो गई।
- औसत मोबाइल ब्रॉडबैंड डाउनलोड स्पीड 10.71 Mbps से 144.33 Mbps हो गई।
- ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) की लंबाई 19.35 लाख किमी से बढ़कर 42.13 लाख किमी हो गई।
- मोबाइल टावरों की संख्या 5.37 लाख से बढ़कर 8.23 लाख हो गई।
- बेस ट्रांसीवर स्टेशनों (BTS) की संख्या 21.80 लाख से बढ़कर 29.97 लाख हो गई।
NBM के तहत प्रमुख पहलें
राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (NBM) के तहत कुछ प्रमुख योजनाएं लागू की गई हैं:
- केंद्रीकृत राइट ऑफ वे (RoW) पोर्टल – यह डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास को सुगम बनाता है।
- दूरसंचार राइट ऑफ वे नियम, 2024 – जिससे ब्रॉडबैंड विस्तार को गति मिलेगी।
- ‘कॉल बिफोर यू डिग’ (CBuD) मोबाइल ऐप – यह खुदाई से पहले दूरसंचार बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- PM गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (NMP) प्लेटफॉर्म – इससे संचार नेटवर्क का समन्वय बेहतर होगा।
5G और भविष्य की योजनाएं
भारत सरकार 5G नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयासरत है।
- 4.69 लाख 5G BTS स्थापित किए गए हैं।
- 5G उपयोग मामलों पर राज्य स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।
- स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग 4.0 और सार्वजनिक सुरक्षा क्षेत्रों में 5G के अनुप्रयोगों पर ध्यान दिया जा रहा है।
डिजिटल इंडिया का भविष्य
भारतनेट परियोजना और राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 के सफल कार्यान्वयन से देश के प्रत्येक नागरिक तक इंटरनेट की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
निष्कर्ष
भारत सरकार द्वारा लागू की गई डिजिटल नीतियों के माध्यम से गांवों में डिजिटल बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है। भारतनेट परियोजना, राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन और PMGDISHA जैसी योजनाओं ने डिजिटल विभाजन को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
आने वाले वर्षों में, भारत 5G, स्मार्ट शहरों और डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इससे देश के आर्थिक विकास और नागरिकों के डिजिटल सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।