Homeबड़ी खबरेंफर्जी कॉल और एसएमएस धोखाधड़ी के 20 प्रमुख तथ्य और समाधान

फर्जी कॉल और एसएमएस धोखाधड़ी के 20 प्रमुख तथ्य और समाधान

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भूमिका

डिजिटल युग में जहां संचार अत्यधिक सरल हो गया है, वहीं साइबर अपराधों का भी तेजी से विस्तार हुआ है। फर्जी कॉल और एसएमएस घोटाले एक बड़ी समस्या बन चुके हैं, जिससे न केवल आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। भारत सरकार और विभिन्न एजेंसियां इन अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इस लेख में हम इन घोटालों के कारण, प्रभाव, सरकार द्वारा उठाए गए कदम और नागरिकों को इनसे बचने के उपायों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

1. फर्जी कॉल और एसएमएस घोटाले क्या हैं?

फर्जी कॉल और एसएमएस घोटाले वे धोखाधड़ी के तरीके हैं जिनमें साइबर अपराधी लोगों को फोन फर्जी कॉल और एसएमएस के माध्यम से झांसा देकर उनसे वित्तीय या व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इसमें मुख्यतः बैंक धोखाधड़ी, केवाईसी अपडेट, लॉटरी जीतने, जॉब ऑफर और ओटीपी चुराने जैसी योजनाएँ शामिल होती हैं।

2. साइबर अपराध में वृद्धि के कारण

वर्तमान समय में इंटरनेट और मोबाइल फोन का बढ़ता उपयोग साइबर अपराधों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • डिजिटल लेनदेन में वृद्धि
  • व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा की कमी
  • तकनीकी जागरूकता का अभाव
  • कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक रिपोर्टिंग में देरी

3. गृह मंत्रालय और साइबर अपराध नियंत्रण

फर्जी कॉल और एसएमएस घोटालों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना की है। यह केंद्र साइबर अपराध से संबंधित मामलों की निगरानी और नियंत्रण के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम प्रदान करता है।

4. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP)

भारत सरकार ने सभी प्रकार के साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग को आसान बनाने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) लॉन्च किया है।

5. 2024 में साइबर अपराध से होने वाले नुकसान

I4C के अनुसार, 2024 में NCRP पर कुल 19.18 लाख शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें पीड़ितों को 22,811.95 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह आँकड़ा दर्शाता है कि साइबर अपराधियों की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं।

6. स्पूफ कॉल और उनकी पहचान

स्पूफ कॉल वे कॉल होती हैं, जिनमें अपराधी असली नंबर को बदलकर किसी अन्य नंबर से कॉल करते हैं। दूरसंचार विभाग ने भारतीय मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने वाली अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल की पहचान और रोकथाम के लिए एक प्रणाली विकसित की है।

7. 17 अक्टूबर 2024 को शुरू हुई नई प्रणाली

दूरसंचार विभाग ने 17 अक्टूबर 2024 को एक नई प्रणाली शुरू की, जिसने लॉन्च के 24 घंटों के भीतर 1.35 करोड़ स्पूफ कॉल को ब्लॉक कर दिया।

8. 2025 तक स्पूफ कॉल में 97% की कमी

03 मार्च 2025 तक, स्पूफ कॉलों की संख्या घटकर 4 लाख रह गई, जिससे स्पूफ कॉल में 97% की कमी दर्ज की गई।

9. संचार साथी ऐप और पोर्टल

दूरसंचार विभाग ने संचार साथी ऐप/पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे नागरिक संचार धोखाधड़ी की रिपोर्ट कर सकते हैं और नवीनतम सुरक्षा उपायों के बारे में अपडेट रह सकते हैं।

10. नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत

सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बावजूद, नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान नंबर से फर्जी कॉल और एसएमएस आने पर सावधानी बरतनी चाहिए।

11. प्रमुख साइबर अपराध धोखाधड़ी के तरीके

  1. बैंक धोखाधड़ी कॉल
  2. केवाईसी अपडेट का बहाना
  3. लॉटरी और गिफ्ट घोटाले
  4. जॉब ऑफर घोटाले
  5. ओटीपी चोरी करने वाली कॉल

12. साइबर अपराध से बचने के उपाय

  1. अनजान नंबरों से फर्जी कॉल और एसएमएस का जवाब न दें।
  2. किसी को भी अपना ओटीपी या बैंक डिटेल साझा न करें।
  3. संचार साथी ऐप का उपयोग करें।
  4. साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
  5. बैंक और दूरसंचार कंपनियों से तुरंत संपर्क करें।

13. डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP)

सरकार ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) तैयार किया है, जिससे 560 से अधिक संगठनों को साइबर अपराध की रोकथाम में सहायता मिल रही है।

14. पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका

पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियां साइबर अपराधियों पर नजर रखने और उन्हें पकड़ने के लिए डिजिटल टूल्स का उपयोग कर रही हैं।

15. बैंकों और वित्तीय संस्थानों की सतर्कता

बैंकिंग सेक्टर भी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई तकनीकों का उपयोग कर रहा है, जिससे ग्राहकों को वित्तीय सुरक्षा दी जा सके।

16. सोशल मीडिया जागरूकता अभियान

सरकार सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनता को साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक कर रही है।

17. फर्जी कॉल और एसएमएस फिल्टरिंग तकनीक

नई एसएमएस और कॉल फिल्टरिंग तकनीकों का विकास किया गया है, जिससे अवैध फर्जी कॉल और एसएमएस को रोका जा सके।

18. 24×7 हेल्पलाइन सुविधा

सरकार ने साइबर अपराध रिपोर्टिंग और सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन सुविधा शुरू की है।

19. साइबर अपराध से लड़ने के लिए सामूहिक प्रयास

इस समस्या से निपटने के लिए सरकार, टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।

20. निष्कर्ष

फर्जी कॉल और एसएमएस घोटाले एक गंभीर समस्या बन चुके हैं, लेकिन सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और नागरिकों की जागरूकता से इन पर काबू पाया जा सकता है। साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और सतर्क रहना ही इन घोटालों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

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